{"product_id":"yog-vishwa-ko-bharat-ki-anmol-bhent-pb-ravi-kumar","title":"Yog Vishwa Ko Bharat Ki Anmol Bhent Pb-Ravi Kumar","description":"\u003ch2\u003e\u003cstrong\u003eYog Vishwa Ko Bharat Ki Anmol Bhent Pb-Ravi Kumar\u003c\/strong\u003e\u003c\/h2\u003e\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout the Products:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eप्राचीन भारत ने हमें गणित, बीजगणित, ज्यामिति, त्रिकोणमिति, शून्य, दशमलव, ज्योतिष, औषधि, व्याकरण, जातक कथाएँ और अनेक नैतिक मूल्यों का आधार दिया है। आधुनिक विश्व संस्कृत, भगवद्गीता और योग से लाभ उठा रहा है।\nयोग के अभ्यास को हमारे ऋषियों और संतों द्वारा शरीर, मन और आत्मा के संपूर्ण स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए सहज ज्ञान द्वारा प्राप्त करके दिशा दी गई, सिद्ध और संहिताबद्ध किया गया। योग लोगों को अशांति के बीच शांति प्राप्त करने में सहायता करता है। ये हमारे शरीर, मन और आत्मा में स्वास्थ्य और संतुलन लाता है। तन स्वस्थ हो, मन स्वस्थ हो, सब नीरोग हों—यही योग का संदेश है।\n11 दिसंबर, 2014 को 193 सदस्यों की संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्राचीन भारत के स्वास्थ्य एवं कल्याण की ओर समग्र दृष्टिकोण को मान्यता देते हुए आम सहमति से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने पर सहमति प्रदान की।\nयोग का संबंध आज पूरे विश्व से है। विश्व के कई नेता, खेल-कूद और फिल्मी दुनिया के सितारे और संगीत जगत् के दिग्गज विभिन्न कारणों से अपने दैनिक जीवन में योगाभ्यास करते हैं। \nयोग की वैश्विक स्वीकार्यता और उसके उपयोग की व्यापकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है।\nहमें विश्वास है कि यह पुस्तक लोगों को योग की ओर आकर्षित करेगी और जन-जन योग को अपनाकर अपने जीवन को सुखमय-तनावमुक्त बना पाएँगे।\n\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eLanguage: \u003c\/strong\u003eHindi\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003ePage No: \u003c\/strong\u003e224\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eLegal Disclaimer:\u003c\/strong\u003e Product images are for illustrative purposes only. Images\/packaging\/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":62789092769951,"sku":"9789351868804","price":25.42,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/1857\/6931\/files\/9789351868804.jpg?v=1778478135","url":"https:\/\/www.distacart.com\/products\/yog-vishwa-ko-bharat-ki-anmol-bhent-pb-ravi-kumar","provider":"Dista","version":"1.0","type":"link"}