किताब के बारे में- "स्वर्गीय जीवन" का हिंदी अनुवाद श्री सुखसंपतराय भंडारी (1891–1955) ने किया है। यह कृति एक आदर्श, शांत और पवित्र जीवन की ओर मार्गदर्शन करती है। इसमें आत्मसंयम, सदाचार, सेवा, और भक्ति जैसे मूल्यों के माध्यम से जीवन को दिव्यता की ओर ले जाने की प्रेरणा दी गई है। भंडारी जी का अनुवाद शैली में सरलता और भावनात्मक गहराई है, जो पाठकों को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करती है।
Author: अनुवादक: श्री सुखसंपतराय भंडारी (Translator: Shri SukhSampatRai Bhandari)
Pages: 186
Edition: 1918
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