किताब के बारे में: आचार्य चतुरसेन की प्रतिष्ठित ऐतिहासिक रचना वैशाली की नगरवधू में प्राचीन वैशाली की गणतांत्रिक समाजविधि और नगरवधू आम्रपाली की जीवनगाथा ऊर्जावान रूप से उभरी है। गणराज्य की श्सबसे सुन्दर युवतीश् बनने पर उसे जनपदकल्याणी घोषित किया जाता हैए लेकिन स्वयं अपनी स्वतंत्रता खोते हुए वह इस कृत्य को श्धिक्कृतश् मानती है। कथा में मगध‑गणतंत्र की सत्ता‑लोलुपताए बुद्ध‑महावीर जैसे धर्मोदयए जातीय एवं सामाजिक बेड़ियों की चर्चा है। आम्रपाली की आंतरिक प्रतिरोधकताए उसकी प्रेम‑कहानीयांए राजनीति और धर्म की अदला‑बदली इसे एक गहनए भावुक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से प्रेरक उपन्यास बनाती है।
Author: आचार्य चतुरसेन (Shastri Chatursen)
Pages: 521
Edition: 1898
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