किताब के बारे में: तितली जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक उपन्यास है जो भारतीय समाज में नारी की स्थिति स्वतंत्रता और भावनात्मक उलझनों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है उपन्यास की नायिका तितली एक शिक्षित सुंदर और आत्मनिर्भर युवती है जो अपने भावनात्मक जीवन में प्रेम संघर्ष और आत्म.सम्मान के बीच झूलती है। वह पारंपरिक सामाजिक बंधनों को स्वीकार नहीं करती और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता रखती है। प्रसाद ने इस रचना में नारी.स्वतंत्रताए नैतिकता और आधुनिक चेतना को गहराई से उकेरा है। ष्तितलीष् नारी मन की उड़ान और समाज की रूढ़ियों के टकराव का प्रतीक बनती है।
Author: जयशंकर प्रसाद (Jai Shankar Prasad)
Pages: 388
Edition: 1916
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