किताब के बारे में: अप्सरा सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का प्रसिद्ध उपन्यास है जिसमें उन्होंने समाज की रूढ़िवादी परंपराओं और स्त्री.स्वतंत्रता के मुद्दों को उठाया है यह कृति एक नारी पात्र के आत्म.संघर्ष स्वतंत्र चेतना और आत्मसम्मान की कहानी है जो अप्सरा के प्रतीक के माध्यम से प्रस्तुत होती है उपन्यास में नारी की भावनात्मक जटिलता सौंदर्य प्रेम और आत्मनिर्णय की भावना को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है निराला ने तत्कालीन समाज की विसंगतियों और स्त्री की उपेक्षित स्थिति पर तीखा प्रहार किया है अप्सरा एक साहसी प्रगतिशील और स्त्री.केन्द्रित रचना है जो पाठकों को सोचने पर विवश कर देती है
Author: सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला (Suryakant Tripathi Nirala)
Pages: 262
Edition: 1900
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