किताब के बारे में- "भारत के देशी राज्य" श्री सुखसंपतराय भंडारी (1891–1955) द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण कृति है, जिसमें भारत के स्वतंत्रता-पूर्व देशी रियासतों का राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विश्लेषण किया गया है। लेखक ने इन रियासतों की ऐतिहासिक भूमिका, शासन व्यवस्था और जनता से उनके संबंधों को उजागर किया है। यह पुस्तक देशी राज्यों की भारतीय एकता में भूमिका तथा उनके भविष्य को लेकर गहन विचार प्रस्तुत करती है। यह भारत के तत्कालीन राजनीतिक परिदृश्य को समझने का एक मूल्यवान दस्तावेज़ है।
Author: श्री सुखसंपतराय भंडारी (Shri SukhSampatRai Bhandari)
Pages: 1054
Edition: 1927
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
More From Brand
See All