Congress House - Ashar Najmi - Paperback

    
      

Rapid Delivery

      

Products which are eligible for rapid delivery are stocked at a location close to you and are immediately available to ship the next business day.

Please make sure to use 'Priority shipping' at the checkout. Only orders placed with 'Priority shipping' are eligible for rapid delivery.

      x     
customers are viewing this product
Rp 243.720,00 IDR
( incl. of tariffs & customs duties)
Sold out

Qty:

About this item:

Congress House - Ashar NajmiAbout The Product:‘‘यह कोई राजनीतिक उपन्यास नहीं है। यह उपन्यास एक शहर, बल्कि पूरे देश, यहाँ तक कि पूरी दुनिया के जंगल ...
Read More...

Coupons

Shipping

Dispatched within
3 - 5 days
Dispatched within
3–5 days
24 hrs Tollfree Support +1-855-25-DISTA (34782) Hassle-free returns Guaranteed premium quality & authenticity SSL-secured transactions
We deliver in the Indonesia! Free priority shipping on orders of or more. Prices inclusive of all charges.
Congress House - Ashar Najmi - Dista
Congress House - Ashar Najmi
Rp 243.720,00 IDR
( incl. of tariffs & customs duties)
Sold out

Description

Congress House - Ashar Najmi

About The Product:

‘‘यह कोई राजनीतिक उपन्यास नहीं है। यह उपन्यास एक शहर, बल्कि पूरे देश, यहाँ तक कि पूरी दुनिया के जंगल बनने की प्रक्रिया को बड़ी निर्दयता से प्रदर्शित करता है। जंगल का राजा कौन है, शेर या स्वयं जंगल? क्या जंगल और शेर एक-दूसरे से जंग लड़ रहे हैं? ये बुनियादी सवाल इस उपन्यास के केंद्रीय विचार में महत्त्व रखते हैं। यही सवाल उपन्यास को स्थानीय से सार्वभौमिक स्तर तक ले जाते हैं। इस उपन्यास के सभी पात्र, मुंबई की गलियाँ, अदालत, सांप्रदायिक दंगे, वेश्या, कॉल-गर्ल, ऐतिहासिक घटनाएँ, कांग्रेस हाउस बिल्डिंग और एनबी कंपाउंड आदि, ये सब प्रतीकों की श्रृँखला हैं, जो अस्तित्वगत और सामूहिक स्तर पर राजनीति और धर्म के पीछे छिपे क्रूर तंत्र की गवाही देते हैं। कांग्रेस हाउस हमें इस बात के लिए चेताता है कि सच्चाई का कोई एक चेहरा नहीं होता। इसके हर चेहरे के पीछे एक और चेहरा है, हर बयान के पीछे एक और ख़ामोशी है, और हर पात्र के पीछे एक प्रतीक छिपा हुआ है।’’ - इस पुस्तक में से अशअर नज्मी उर्दू के सुपरिचित लेखक हैं। 2021 में प्रकाशित इनके उपन्यास उसने कहा था को उर्दू का पहला पोस्टमाॅडर्न उपन्यास माना जाता है। सिफ़र की तौहीन, जोकर और कांग्रेस हाउस इनके अन्य उर्दू के उपन्यास हैं। इसके अतिरिक्त उर्दू लघुकथा-संग्रह भी प्रकाशित है। पिछले दो दशकों से वे भारतीय टेलीविज़न इंडस्ट्री से जुड़े हुए हंै, जहाँ उन्होंने कई टीवी धारावाहिक लिखे हैं। 2008 से वे एक उर्दू साहित्यिक पत्रिका इस्मत के सम्पादक पद पर कार्यरत हैं। वे मुम्बई में रहते हैं।

Product Details:

  • Author: Ashar Najmi
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 144
  • Publication Date: 2026

    Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

  • Trustpilot
    from 4400+ reviews
    71417
    Verified Reviews
    Customers rate us 4.6/5 based on 74202 reviews.
    google
    from 2500+ reviews