किताब के बारे में -"वैराग्यशतक" एक प्रसिद्ध संस्कृत काव्य है, जिसे भर्तृहरी ने रचित किया। इसका विषय त्याग और वैराग्य है। बाबू हरिदास वैद्य ने इस काव्य का सुंदर हिन्दी अनुवाद किया। इस ग्रंथ में जीवन की निरर्थकता और सांसारिक बंधनों से मुक्ति पाने का संदेश दिया गया है। वैराग्यशतक में 100 शेर हैं, जो व्यक्ति को आत्मज्ञान और आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। बाबू हरिदास वैद्य ने इसे सरल और भावपूर्ण हिन्दी में प्रस्तुत किया।
Author: अनुवादक- बाबू हरिदास वैद्य-Translator-Babu Haridas Vaidhya
Pages: 648
Edition: 1925
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