किताब के बारे में: जयशंकर प्रसाद की ऐतिहासिक नाटक चंद्रगुप्त मौर्य मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य के जीवन और संघर्षों को दर्शाता है। यह नाटक उनकी वीरता राजनीतिक कौशल और राष्ट्रभक्ति का जीवंत चित्रण है। प्रसाद ने इसे राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता के भाव से ओत.प्रोत रचा है जिसमें धर्म सत्ता और नैतिकता के द्वंद्व स्पष्ट रूप से दिखते हैं। नाटक में चंद्रगुप्त के साम्राज्य के विस्तार के साथ.साथ उनके मनोवैज्ञानिक संघर्षों को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह कृति हिंदी साहित्य में ऐतिहासिक नाटकों का महत्वपूर्ण योगदान है।
Author: जयशंकर प्रसाद (Jaishankar Prasad)
Pages: 282
Edition: 1925
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