किताब के बारे में: अयोध्या प्रसाद खत्री‑स्मारक ग्रंथ ;आचार्य शिवपूजन सहाय द्वारा संपादितद्ध अयोध्या प्रसाद खत्री कृ हिन्दी खड़ी बोली के अग्रदूत और प्रखंड उपाधीकारी को समर्पित एक समर्पित स्मारक.संग्रह है। इसमें उनकी जीवन.यात्राए रचनात्मक योगदानए खड़ी बोली के विकास में उनका महत्व और उनके द्वारा सामाजिक.साहित्यिक रूपांतरण की जानकारी संकलित है। शिवपूजन सहाय ने इस ग्रंथ में लेखए संस्मरण और आलोचनाएँ शामिल कींए जो खत्री के विचारोंए कविताओं और भाषा.प्रसार कार्य की विस्तृत झलक देती हैं । यह संग्रह हिंदी नवजागरण में खड़ी बोली आंदोलन और बिहार में हिंदी प्रोत्साहन की विरासत को संरक्षित करता हैए और दोनों लेखकों के बीच की वैचारिक साझेदारी उजागर करता है
Author: शिवपूजन शाय (Shivpujan Sahay)
Pages: 340
Edition: 1888
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