किताब के बारे में: हिंदी साहित्य और बिहार आचार्य शिवपूजन सहाय द्वारा संपादित कृ एक व्यापक साहित्यिक इतिहास हैए जिसमें बिहार के हिंदी.भाषी लेखक.लेखिकाओं का विकासए उनके योगदानए संदर्भ और कृति.विश्लेषणों का समावेश है। 1950 से 1959 तक बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् में सचिव और निदेशक रहे सहाय ने इसके तहत बिहार में हिंदी भाषा व साहित्य की उन्नति में महत्वपूर्ण संदर्भग्रंथों का संपादन किया । पुस्तक में आंचलिक साहित्यए पत्र.पत्रिकाओं की भूमिकाए प्रमुख साहित्यिक हस्तियों की जीवनी और उनके लेखन के प्रभावों को गहराई से प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ हिंदी नवदृजागरण में बिहार की सांस्कृतिक पहचान को उजागर करती प्रकाशित समर्पित पहल है
Author: शिवपूजन शाय (Shivpujan Sahay)
Pages: 324
Edition: 1888
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