किताब के बारे में: हमारा कलंक महात्मा गांधी द्वारा लिखा गया एक प्रभावशाली निबंध है, जिसमें उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त अछूतता और अस्पृश्यता की समस्या पर प्रकाश डाला है। गांधी जी ने इस कुरीति को सामाजिक न्याय और समानता के मार्ग में बड़ा बाधक बताया। उन्होंने लोगों को जागरूक करने और इस सामाजिक बुराई के खिलाफ संघर्ष करने का आह्वान किया। यह रचना उनके सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Author: महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi)
Pages: 315
Edition: 1932
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
More From Brand
See All