किताब के बारे में: हिंदी भाषा और साहित्य में आचार्य श्यामसुंदर दास ने हिंदी भाषा की उत्पत्ति विकास और साहित्यिक परंपरा का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया है। उन्होंने हिंदी की विभिन्न बोलियों लिपियों और भाषाई रूपों को स्पष्ट करते हुए इसके सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया है। यह कृति हिंदी साहित्य के विविध कालोंकृभक्ति रीतिकाल आधुनिक युगकृकी प्रवृत्तियों प्रमुख कवियों और विचारधाराओं को समझाने में सहायक है। लेखक ने भाषा और साहित्य को जनमानस की चेतना का दर्पण माना है। यह ग्रंथ शोधार्थियों विद्यार्थियों और हिंदी प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी व मार्गदर्शक सिद्ध होता है।
Author: श्यामसुन्दर दास (Shyamsundar Das)
Pages: 592
Edition: 1895
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