Chhoti-Chhoti Yaden
हिंदी में संस्मरण साहित्य बहुत कम मिलता है। जीवनी और आत्मकथा पर फिर भी कुछ काम हुआ है। एस.एम.एस., मोबाइल इंटरनेट, इ-मेल युग में यह और भी दुर्लभ हो गया कि लोग मिलें और एक-दूसरे के गुण-अवगुण, खूबी-कमी पर प्यार-अंतरंगता-आत्मीयता से कलम चलाएँ। राजशेखर व्यास इस लुप्त होती विधा के बेहद सम्मानित और प्रतिष्ठित नाम हैं। अपने पिता पद्मभूषण पंडित सूर्यनारायण व्यास पर उनके संस्मरणों की पहली कृति 'यादें' खूब लोकप्रिय हुई।यात्रा साहित्य पर भी उनकी अनेक पुस्तकें हैं, मगर संस्मरण साहित्य पर प्रकाशित दूसरी पुस्तक 'याद आती है' भी बेहद चर्चित रही। पद्मभूषण पंडित सूर्यनारायण व्यास के बेटे होने के कारण बचपन में ही डॉ. सुमन, भगवत शरण उपाध्याय व श्री वाकणकर का स्नेह-सान्निध्य मिल गया, फिर तो बड़े होकर वे स्वयं डॉ. कलाम, अटलजी, अशोक सिंहलजी, रज्जू भैया, माधवराव सिंधिया, राजेंद्र माथुर, प्रभाष जोशी, डॉ. वैदिक, कमलेश्वर, राजेंद्र यादव, नीरज, ओशो से लेकर डॉ. शंकर दयाल शर्मा, प्रतिभा पाटिल, ए.के. हंगल, बासु चटर्जी, एन. चंद्रा, परीक्षित साहनी, अरुण गोविल जैसे अनेक नामों के अंतरंग रहे। उनके लिखे छोटे-छोटे किस्से, संस्मरण-डायरी के हिस्से बहुत लोकप्रिय हैं, जो इस पुस्तक में संकलित हैं। आशा है, ये दिलचस्प किस्से आपको पसंद आएँगे। लीजिए, कुछ 'छोटी-छोटी यादें'।
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Author:Rajshekhar Vyas
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Category:Indian Writing
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Publisher Name:Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
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Language:Hindi
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Page No.:216
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Publishing Date:01/01/2026
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