
About the Products:
प्रत्याघात' मनुष्य के भस्म हो चुके संबंधों की राख में फिर से जीवन खोजने की कथा है। जहाँ पराजय, प्रेम और पीड़ा-एक साथ पुनर्जन्म लेते हैं। यह पराजित पिता की कहानी है, जिसने हताशा को ही प्रतिरोध की भाषा बना लिया। उसकी हार ही संघर्ष की अग्नि बनकर जल उठती है। यह अमर प्रेम की कथा है- जहाँ मृत्यु के बाद भी प्रेम मरता नहीं, प्रेयसी के भीतर पल्लवित होता है, अमिट हो जाता है उसकी आत्मा से मिलकर। 'प्रत्याघात' मित्रता और विषाद की दास्तान है- जहाँ एक मित्र की मृत्यु, शेष की स्मृति में अंधकार में दीप की तरह जलती है और उसकी अनुपस्थिति ही संघर्ष का सबसे गहरा कारण बन जाती है। 'प्रत्याघात' सत्य के पुनर्जन्म की कहानी है- जहाँ हताशा, नाउम्मीदी और बेबसी, प्रतिशोध के मुखर रूप में लौट आती है। यह उपन्यास उन सबके लिए है-जो टूटे हैं "पर मिटे नहीं हैं।
Language: Hindi
Page No: 264
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Easy Picks