किताब के बारे में: “मध्यकालीन भारत की सामाजिक और आर्थिक अवस्था’’ अब्दुल्ला यूसुफ़ अली भारत की मध्यकालीन काल की जनता का जीवन‑चक्र, आर्थिक व सामाजिक ढाँचे को उजागर करती है। यह पुस्तक वर्ण व्यवस्था, जातिवाद, ब्राह्मण, राजपूत, कृषकों व अस्पृश्यों की स्थिति पर प्रकाश डालती है। भूमि स्वामित्व, कर प्रणालियाँ, भूस्वामी‑किसान संबंध, कृषि उत्पादन, बाजार एवं व्यापार की प्रगति जैसे आर्थिक पहलुओं की समीक्षा की गई है। सामाजिक परंपराएँ, रीति‑रिवाज, मंदिरों व धार्मिक संस्थाओं की भूमिका, सांस्कृतिक विविधता व ध्रुवीकरण भी विषय बने हैं। कुल मिलाकर यह मध्यकालीन भारत का एक समग्र सामाजिक‑आर्थिक चित्र प्रस्तुत करती है।
Author: अब्दुल्ला यूसुफ़ अली (Abdullah Yusuf Ali)
Pages: 102
Edition: 1929
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