किताब के बारे में: नयनामृत प्रवाह बाबू देवकी नंदन खत्री (1861–1913) की प्रसिद्ध रचना है, जो हिंदी गद्य साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह कृति पाठकों को मनोरंजन के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी प्रदान करती है। इसकी भाषा सरल, रोचक और प्रवाहमयी है, जिससे यह जनसामान्य में लोकप्रिय हुई। खत्री जी अपने उपन्यासों और किस्सागोई शैली के लिए प्रसिद्ध थे। नयनामृत प्रवाह में भी उन्होंने कल्पना और रहस्य का सुंदर संयोजन प्रस्तुत किया, जो हिंदी उपन्यास साहित्य की विरासत का हिस्सा है।
Author: बाबू देवकी नंदन खत्री (Babu Devki Nandan Khatri)
Pages: 113
Edition: 1910
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
More From Brand
See All
Easy Picks
See All