किताब के बारे में: शशांक आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा रचित एक ऐतिहासिक और सामाजिक चेतना से युक्त कहानी है जिसमें शशांक नामक चरित्र के माध्यम से राष्ट्रभक्ति आत्मबलिदान और सांस्कृतिक गौरव को उजागर किया गया है यह कहानी गुप्तकालीन भारत की पृष्ठभूमि में घटित होती है जहाँ शशांक विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध संघर्ष करता है। आचार्य शुक्ल ने इसमें वीरता देशप्रेम और आत्मगौरव जैसे मूल्यों को प्रमुखता दी है शशांक केवल एक योद्धा नहीं बल्कि भारतीय अस्मिता का प्रतीक बनकर उभरता है यह रचना न केवल ऐतिहासिक चेतना जगाती है बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और आत्मबल के आदर्श को भी प्रस्तुत करती है
Author: रामचन्द्र शुक्ल (Ramchandra Shukla)
Pages: 408
Edition: 1900
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
More From Brand
See All