किताब के बारे मे: विस्मृत यात्री राहुल सांकृत्यायन की एक आत्मकथात्मक कृति है जिसमें उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों यात्राओं और बौद्धिक विकास का चित्रण किया है। यह पुस्तक केवल यात्रा वृत्तांत नहीं बल्कि एक चिंतनशील मनुष्य की आत्मअन्वेषण यात्रा है। वे रूसए तिब्बत श्रीलंका और यूरोप की यात्राओं का वर्णन करते हुए समाज धर्म राजनीति और दर्शन पर विचार करते हैं। इसमें उनके बौद्ध धर्म की ओर झुकाव मार्क्सवादी सोच और ज्ञान की खोज की झलक मिलती है। ष्विस्मृत यात्रीष् एक ऐसे लेखक की कथा है जो हमेशा प्रश्न करता है सीखता है और बदलाव के लिए जीवन भर यात्रा करता है।
Author: राहुल सांकृत्यायन (Rahul Sankrityayan)
Pages: 401
Edition: 1944
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